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रहिमन निज मन की व्यथा — Katrina Kaif के शरीर पर टिप्पणियों से लेकर Body Shaming तक

किसी स्त्री के मां बनने के बाद उसका शरीर बदलता है। वजन बढ़ सकता है, पेट की त्वचा ढीली हो सकती है, स्तनों और कमर का आकार बदल सकता है। उम्र के साथ चेहरे पर झुर्रियां आती हैं, बाल सफेद होते हैं और शरीर की बनावट पहले जैसी नहीं रहती। पुरुषों में भी उम्र, जीवनशैली, बीमारी या तनाव के साथ वजन, बाल और शरीर की संरचना बदलती है। यह जीवन की सामान्य जैविक प्रक्रिया है, लेकिन समाज ने जाने कब से शरीर के इन बदलावों को व्यक्ति की 'कमी' में बदलना शुरू कर दिया। मां बनने के बाद किसी महिला से पूछा जाता है कि वह पहले जैसी कब होगी, किसी अभिनेत्री का वजन बढ़ने पर उसकी तस्वीर से ज्यादा उसके शरीर की चर्चा होती है, किसी पुरुष के गंजेपन या निकले पेट को मजाक बना दिया जाता है और किसी बुजुर्ग के चेहरे की झुर्रियां देखकर उसे उम्र का ताना दिया जाता है। समस्या केवल इतनी नहीं कि लोग मजाक करते हैं; समस्या यह है कि लगातार दोहराई गई ऐसी टिप्पणियां व्यक्ति को अपने शरीर को अपनी नजर से नहीं बल्कि दूसरों की नजर से देखने के लिए मजबूर कर सकती हैं। Body image, आत्मसम्मान और मानसिक well-being के बीच संबंधों को देखते हुए शरी...

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