RSS और कम्युनिस्ट आंदोलन की शुरुआत: सौ साल की वैचारिकी किस दिशा में जाएगी ?
साल 1925 भारतीय वैचारिक इतिहास में एक असाधारण संयोग लेकर आया। 27 सितंबर को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना हुई और 26 दिसंबर को कानपुर में कम्युनिस्ट समूहों के सम्मेलन ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की संगठित शुरुआत का आधार बनाया। दोनों संगठन औपनिवेशिक शासन के दौर में जन्मे और दोनों ने आगे चलकर भारतीय समाज तथा राजनीति पर गहरा प्रभाव डाला। RSS के ऐतिहासिक विवरण और CPI के इतिहास में इन तारीखों का उल्लेख मिलता है। लेकिन इस समानता को एक जरूरी तथ्य के साथ समझना चाहिए: भारत में मार्क्सवादी विचारधारा का प्रवेश और कम्युनिस्ट गतिविधियाँ 1925 से पहले शुरू हो चुकी थीं। 1920 में ताशकंद में भारतीय कम्युनिस्ट समूहों की गतिविधियाँ हुई थीं। भारत में श्रमिक संगठन का भी इससे पहले विकास हो रहा था; अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस यानी AITUC की स्थापना 1920 में हुई। 1925 का कानपुर सम्मेलन भारत में कम्युनिस्ट पार्टी के संगठित इतिहास का महत्वपूर्ण पड़ाव था, न कि मार्क्सवाद के आगमन का पहला दिन। Indian Express के ऐतिहासिक विश्लेषण में ताशकंद और कानपुर के बीच इस ऐतिहासिक अंतर को विस्...