बजट में “सहनशीलता टैक्स”
नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच सरकार ने एक नया समाधान खोज लिया है। सूत्रों के मुताबिक अब जनता से अपील की जाएगी कि वे थोड़ी और महंगाई सह लें ताकि अर्थव्यवस्था मजबूत दिखती रहे।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया,
“देखिए, अगर जनता महंगाई को समस्या मानना बंद कर दे तो आधी समस्या तो वैसे ही खत्म हो जाएगी। हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं।”
इस बीच आम जनता ने भी सरकार को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है। कानपुर के एक स्थानीय नागरिक ने कहा,
“हम तो पहले ही इतना सहयोग दे रहे हैं कि पेट्रोल-डीजल, सब्जी, दाल सब कुछ महंगा खरीद रहे हैं। अगर इससे देश मजबूत होता है तो थोड़ा और सही।”
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि देश में एक नया आर्थिक मॉडल विकसित हो रहा है जिसे ‘सहनशील अर्थव्यवस्था मॉडल’ कहा जा रहा है। इसमें जनता जितनी ज्यादा महंगाई सहती है, उतनी ही ज्यादा सरकार के दावे मजबूत होते जाते हैं।
उधर सोशल मीडिया पर लोगों ने सुझाव दिया है कि सरकार जल्द ही एक नई योजना शुरू करे — “महंगाई मित्र योजना”, जिसमें जो नागरिक सबसे ज्यादा महंगाई सह लेगा उसे देशभक्ति का सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
हालांकि सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान अभी नहीं आया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले बजट में “सहनशीलता टैक्स” भी लागू किया जा सकता है। देश की सभी स्वतंत्र आवाज़ों को समर्पित, और उन सभी कार्टूनिस्ट को जिन्होंने RK Laxman जैसे हमे व्यंग्य के माध्यम से व्यवस्था को जगाना चुना|
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